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Antyodaya Diwas 2021 in Hindi | अंत्‍योदय दिवस के बारे में पूरी जानकरी पढ़े

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अंत्‍योदय दिवस (Antyodaya Diwas) 2021:- य‍ह दिवस प्रतिवर्ष 25 सितम्‍बर को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है। इस बार यह 25 सितम्‍बर 2021 शनिवार के दिन मनाया जाएगा। यह दिवस पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय जो की एक कुशल साहित्‍यकाल व गरीबो के पथ प्रदर्शन के नेता की जंयती पर मनाया जाता है। ऐसे में आप अंत्‍योदय दिवसAntyodaya Diwas से जुड़ी सभी जानकारियो के बारें में जानना चाहते है तो पोस्‍ट के अन्‍त तक बने रहे।

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पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय का जीवन परिचय (Pandit Deendayal Upadhyay Biography in Hindi)

Antyodaya Diwas 2021
Antyodaya Diwas 2021

पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय का जन्‍म उत्तरप्रदेश राज्‍य के मथुरा जिला के नगल चंद्रभान में 25 सितम्‍बर 1916 को हुआ था। जब ये तीन वर्ष के हुऐ तब इनके पिता भगवती प्रसाद उपाध्‍याय को किसी कारण वश मृत्‍यु हो गई। जिसके कारण इनको अपने जीवन में बचपन से ही बहुत कठिनाइयो का सामना करना पड़ा। किन्‍तु इन्‍होने कभी भी अपने जीवन में हार नही मानी और ऐ मेहनत करते हुए आगे बढ़े।

जब इनके पिता की मृत्‍यु हुई तो इनकी माता रामप्‍यारी को अपने जीवन में अंधकरामय लगा और वे पति की मौत के सदमें वे बीमार हो गई। जिसके बाद सन 18 अगस्‍त 1924 को उनका निधन हो गया। उस समय पंडित दीनदयाल केवल 7 वर्ष के थे। मॉ-बाप, नाना-नानी, सब के मरने के बाद भी हार नही मानी और अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करी।

इसके बाद इन्‍होने सन 1939 में उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर से प्रथम श्रेणी से बी.ए. की डिग्री हासिल की। जिसके बाद एम.ए. के लिए आगरा की सेंट जॉन्‍स कॉलेज में दाख‍िला लिया। और अपनी एम.ए. की डिग्री पाई। इसके बाद इन्‍होने प्रशसनिक परीक्षा उत्तीर्ण की किन्‍तु अंग्रेजी सरकार की नौकरी हाेने के कारण जॉइन नहीं किया।

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इसके बाद सन 1941 में प्रयाग से बी.टी. परीक्षा उत्तीर्ण की। किन्‍तु इन्‍होने नौकरी नही करी। बाद में ये राजनीत‍ि में आ गऐ और 21 अक्‍टूबर 1951 में डाॅ. श्‍यामाप्रसाद मुखर्जी की अध्‍यक्षता में ”भारतीय जनसंघ” की स्‍थापना करी। और सन 1952 में इस दल के महामंत्री बने। और सन 1967 तक पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय भारतीय जनसंंघ के महामंत्री के पद पर रहे।

इसके बाद सन 1967 में कालीकट अधिवेशन में भारतीय जनसंघ के अध्‍यक्ष निर्वाचित हुए। और मात्र 43 दिन तक ही जनसंघ का अध्‍यक्ष रहे। उसके बाद 10/11 फरवरी 1968 को रात्रि के समय मुगलसराय स्‍टेशन (उत्तर प्रदेश ) पर उनकी किसी ने हत्‍या कर दि। उसके बाद 11 फरवारी को सुबह लगभग चार बजे किसी ने सहायक स्‍टेशन मास्‍टर को सूचना दी की खंभा नम्‍बर 1276 के पास किसी की लाश पड़ी हुई है।

यह सुनकर सहायक स्‍टेशन मास्‍टर आदि वहा आऐ और शव को प्‍लेटफार्म पर ले जाकर रख दिया तो लोगो की भीड़ लग गई। उसी भीड़ में से किसी ने कहा की ऐ तो पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय जी जो भारतीय संघ के अध्‍यक्ष है। यह सुनकर वहॉ खड़े सभी लोगो की ऑखे नम हो गई। और पूरेे देश में उनकी मौत का शोक हुआ। तो दोस्‍तो आप उनकी जयंती पर प्रतिवर्ष 25 सितम्‍बर को अंत्‍योदय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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अंत्‍योदय दिवस के कुछ महत्‍वपूर्ण तथ्‍य (Antyodaya Diwas in Hindi)

आप पूरे भारत वर्ष में उनकी जंयती बड़े ही अच्‍दे तरीके से मनाई जाती है। इस जंयती की शुरूआत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी ने सन 2014 में अंत्‍योदय दिवस के रूप में ऐलान किया था। जिसके बाद यह अंत्‍योदय पूरे देश में प्रतिवर्ष 25 सितम्‍बर को अंत्‍योदय दिवस मनाया जाता है। आज भारत सरकार ने इनके ऊपर कई सरकारी योजनाए चला रखी है। ऐ योजनाए देश के सभी गरीबो को सहायता देने के लिए चलाई गई है।

दोस्‍तो आज के इस लेख में हमने आपको पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय जी के बारे में व अंत्‍योदय दिवस Antyodaya Diwas के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। आपको लेख में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो लाईक करे व अपने मिलने वाले के पास शेयर करे। यदि आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्‍न है तो कमंट करके जयर पूछे। धन्‍यवाद

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