Magh Bihu Festival of Assam~माघ बिहू कब है और क्‍यों मनाया जाता है क्‍यों भोगाली बिहू कहते है

Magh Bihu Festival of Assam:- दोस्‍तो आप सभी जानते है हमारा भारत देश त्‍यौहारो का देश कहा गया है। जहा हर दिन कोई त्‍यौहार, व्रत आदि जरूर होता है। जिनमे से ऐसे बहुत से त्‍यौहार है जो की पूरे भारतवर्ष में बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है। जैसे- होली, दीपावली, दशहरा, नवरात्रि, रक्षाबंधन आदि। किन्‍तु भारत के पूर्वी राज्‍यों में कुछ खास त्‍यौहार मनाऐ जाते है जो वहा के लोगो के लिए बहुत ही खास होते है

इनमे से एक है बिहू उत्‍सव जो आसम राज्‍य का प्रसिद्ध त्‍यौहार है यह त्‍यौहार साल में तीन बार अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। पर आपको आज माघ बिहू त्‍यौहार के बारें में बताएग कब है और क्‍यो मनाया जाता है आइए जानिए सभी जानकारी बिहू से जुडी…..

Magh Bihu

माघ बिहू का महत्‍व (Magh Bihu Mahatv

हर वर्ष तीन बार मनाया जाने वाला पर्व बिहू है जो तीन अलग-अलग नामों से प्रसद्धि है। जनवरी के महीने में मनाया जाने वाला बिहू माघ बिहू है। यह पर्व फसल से जुडा हुआ है जिसे भोगाली बिहू भी कहा जाता है। यह देश के पूर्वोत्तर राज्‍यों में प्रसद्धि है विशेषकर असम राज्‍य में इस पर्व की सबसे ज्‍यादा रौनक देखी जाती है उत्तरी भारत में मकर संक्रांति का त्‍यौहार मनाया जाता है और पूर्वीत्तर दिशा के राज्‍यों में इसी समय बिहू पर्व मनाया जाता है।

माघ बिहू 2024 कब है Magh Bihu 2024 Date

यह पर्व हर साल माघ महिने में मकर संक्रांति के आस-पास मनाया जाता है इस साल 16 जनवरी 2024 को माघ बिहू पर्व मनाया जाएगा। यह त्‍यौहार सप्‍तहाभर चलता है और इस दौरान उत्‍सव में पारंपरिक असमिया खेल होते है जैसे- टेकेली भोंगा (पॉप-ब्रेकिंग), भैंस लड़ाई आदि। पहले यह र्प पूरे माघ के महिने भर मनाया जाता था जिस कारण इसका नाम माघ बिहू पड़ गया है।

माघ बिहू क्‍यों मनाया जाता है (Magh Bihu Significance)

भोगाली बिहू क्‍यों मनाया जाता है:- असम राज्‍य में बिहू एक फसल कटाई का प्रमुख त्‍यौहार है यह फसल पक जाने की खुशी में मनाया गया प्रसिद्ध पर्व है। बिहू शब्‍द दिमासा लोगों की भाषा से उत्‍पन्‍न हुआ है बिहू पर्व को इससे पहले बिशू पर्व कहा जाता था, ‘बि’ का मतलब पूछना और ‘शु’ का अर्थ पृथ्‍वी में शांति और समृद्धि है। इस प्रकार बिहू अर्थ पूछना और देना है अब बिहू को भोगाली बिहू पर्व भी कहा जाता है इस त्‍यौहार पर सामान्‍य लोगा पारंपरिक पकवान बनाकर फसल के देवता का भोग लगाते है।

माघ बिहू कैसे मनाते है (Magh Bihu Festival Celebrated)

Magh Bihu Celebration:- इस पर्व वाले दिन यहा के आम लोग बांस और घास-फूस का घर (झाेपड़ीयां) बनाते है जिसे आम भाषा में मेजी या भेलघर कहा जाता है। रात्रि के समय यहा अलाव के आसपास एक साथ बैठते है और विभिन्‍न प्रकार के पकवान,व्‍यंजन बनाते है इसे ‘उरूका कहा जाता है। यह त्‍यौहार एक सप्‍ताह तक मनाया जाता है और प्रतिदिन अलग-अलग पकवान बनाकर पहले फसल के देवता को भोग लगाते है पकवान जैसे तिल, नारियल, चावल, दूध आदि का उपयोग करके पीठ, मच्‍छ, पीतिका, बेनगेनाखार आदि कई प्रकार के पकवान पकाते है।

काती बिहू त्‍यौहार को खासतौर पर भारत के असम राज्‍य में बडे हर्षो उल्‍लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्‍त्री व पुरूष रंगीन व पारंपरिक सुन्‍दर कपड़े पहनते है। तथा एक-दूसरे के हाथ पकड़कर एक गोला बनाकर चारो तरफ घूते है। साथ में कुछ लोग ढोल व पीपा आदि बजाते है औरे वे सभी गोल-गोल घूमते हुए नृत्‍य करते है।

साल में 3 बार मनाया जाता है बिहू पर्व

बिहू पर्व है वह असम राज्‍य का प्रसिद्ध त्‍यौहार है जो साल में तीन बार मनाया जाता है और यह तीनो बार अलग-अगल नामों से जाना जाता है।

पहला भोगाली बिहू:- जो हर साल माघ के महिने में मनाया जाता है इसलिए इसे भोगाली के अलावा माघ बिहू कहा जाता है

दूसरा रोंगाली बिहू:- यह दूसरा बिहू पर्व का नाम रोंगाली भी कहा जाता है जो साल में अप्रैल के महिने में मनाया जाता है इसे रोंगाली बिहू कहा जाता है।

तीसरा काति बिहू:- बिहू का तीसरा पर्व साल के अक्‍टूबर महिने में मनाया जाता है जिसे काति बिहू कहा जाता है इसके अलावा काति बिहू को कोंगाली बिहू भी कहा गया है।

माघ बिहू के नियम Magh Bihu Niyam

  • यह पर्व खास रूप से असम राज्‍य का प्रसिद्ध त्‍यौहार है जिसे कई अलग-अलग तरीको से मनाया जाता है।
  • सुबह उठकर पवित्र जगह पर स्‍नान करना चाहिए।
  • स्‍नान के बाद भगवान सूर्य देव का जल का अर्घ्‍य अवश्‍य दें।
  • विधि पूर्वक सूर्य देव की पूजा करें
  • बिहू पर्व के दौरान धार्मिक स्‍थान पर स्‍नान करना बहुत शुभ माना गया है।

डिस्‍कलेमर:- आपको माघ बिहू पर्व के बारें में बताया जो जनवरी के महिने में मनाया जाता है और यह फसल का त्‍यौहार है। इसके बारें में आपको पौराणिक कथाओं, व काल्‍पनिक मान्‍यताओं, न्‍यूज के आधार पर बताया है। Onlineseekhe.com किसी प्रकार की पुष्टि नहीं करता है अधिक जानकारी के लिए किसी संबंधित विशेषज्ञ के पास जाएगा।

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