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Navratri 2021 in Hindi | नवरात्रि कब है। व सभी जानकारी यहा से पढ़े

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Navratri 2021 in Hindi | Navratri 2021 | नवरात्रि कब शुरू है | Navratri Kab Hai 2021 | नवरात्रि 2021

जैसा की आप सभी जानते है हिन्‍दु पंचाग के अनुसार एक वर्ष में 4 बार नवरात्रि मनाऐ जाते है। जिनमे से चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि मुख्‍य रूप से लगभग पूरे भारत में बड़े ही हर्ष व उल्‍लाहस के सा‍थ मनाऐ जाता है। चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल 2021 से शुरू होकर 21 अप्रैल 2021 तक चले थे। जिनके बाद शारदीय नवरात्रि आते है जो इस बार 07 अक्‍टूबर 2021 गुरूवार के दिन से शुरू होकर 15 अक्‍टूबर 2021 शुक्रवार के दिन तक चलेगे।

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शारदीय नवरात्रि पूरे भारत में बडे ही उत्‍साह पूर्व मनाया जाता है। जो लगातार नौ दिनो तक चलते है इस नौ दिनो में माता दुर्गा कि पूजा की जाती है। हमारे हिन्‍दु धर्म के अनुसार औरते लगातार नौ दिनो तक नवरात्रि स्‍थापित करके उनकी पूजा-अर्चना करती है। और 9 दिनो तक ही व्रत रखती है जिसमें एक समय भोजन करती है। ऐसे में आप भी नवरात्रि स्‍थापित करते है तो पोस्‍ट में दी गई पूजा विधि व कलश स्‍थापना तथा शुभ मुहूर्त का समय पढ़कर आप अपने नवरात्रि पूर्ण कर सकते है तो पोस्‍ट के अंत तक बने रहे।

नवरात्रि 2021 (Navratri 2021 in Hindi)

Navratri 2021 in Hindi
Navratri 2021 in Hindi

दोस्‍तो आपकी जानकारी के लिए बता दे की शारदीय नवरात्रि प्रतिवर्ष आश्विन महीने की शुक्‍लपक्ष की प्रतिपदा (अमावस्‍या के बाद पहला दिन) से लेकर लगातार नवमी तक नवरात्रे चलते है। जो इस वर्ष 07 अक्‍टूबर 2021 से लेकर 15 अक्‍टूबर 2021 तक चलेगे। ये नवरात्रि शरद ऋतु में आने के कारण इनको शारदीय नवरात्रि कहा जाता है।

इस नवरात्रि में लगातार 9 दिनो तक माता दुर्गा के पूरे अलग-अलग 09 रूपो की पूजा की जाती है। किन्‍तु बंगाली धर्म यानी कोलकात्त व पश्चिम बंगाल की और 09 दिनो तक केवल माता दुर्गा की ही पूजा की जाती है। नवरात्रि करने से पहले पूजा के लिए घट स्‍थापना (दुर्गापूजन सामग्री) किया जाता है। जो की नीचे दिया गया है।

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घट स्‍थापना के लिए शुभ मुहूर्त (Navrati Shubh Muhurt 2021)

नवरात्रि प्रतिवर्ष आश्‍विन मास की शुक्‍लपक्ष की प्रतिपदा (पहला दिन) से लेकर नवमी (नौवा दिन) तक नवरात्र चलते है जो की इस बार 07 अक्‍टूबर से शुरू होकर 15 अक्‍टूर 2021 तक है। ऐसे में आप भी नवरात्रे रखते है और माता दुर्गा (आदिशक्ति) की पूजा के लिए घट स्‍थापना करना चाहते है

आप शुक्‍लपक्ष के पहले दिन अर्थात 07 अक्‍टूबर को प्रात: 06 बजकर 17 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 07 मिनट तक घट स्‍थापन (कलश स्‍थापना) कर सकते है। आप इसी शुभ मुहूर्त के बीच में पूजा के लिए सभी आवश्‍यक सामग्रीयो की स्‍थापना कर सकते है।

घट/कलश स्‍थापना सामग्री (Ghat/Kalash Sthapana Samagree)

Navratri in Hindi 2021
  • गंगाजल
  • रौली-मौली व पान सुपारी
  • धूपबत्ती और घी का दीपक
  • फल
  • फूल व फूलो की माला
  • विल्‍वपत्र व केले के पत्ते और आत के पत्ते
  • चन्‍दन व चावल
  • घट (कलश), लौटा, डाब
  • नारियल, हल्‍दी की गाँठ, पंचरत्‍न
  • लाला वस्‍त्र
  • पूर्ण पात्र (चावल से भरा पात्र)
  • गंगा की मृत्तिका
  • जौ(जव) बताशा,सुग‍न्धित तेल
  • सिन्‍दूर, कपूर, पंच सुगन्‍ध
  • नैवेद्य के वास्‍ते फल इत्‍यादि (पंचामृत)
  • दूध, दही, मधु, चीनी (पंचगव्‍य)
  • गाय का गोबर, मूत्र, दूध, दही, घृतं
  • दुर्गा जी तस्‍वीर या मूर्ति
  • मृत्तिका की प्रतिमा, कुमारी पूजन के लिए वस्‍त्र
  • आभूषण तथा नैवेद्यादि
  • अष्‍टमी में ज्‍योति पूजन के वास्‍ते उपरोक्‍त सामग्री

घट या कलश स्‍थापना विधि (Navrati Puja Vidhi)

  • नवरात्रि रखने वाले स्‍त्री व पुरूष को प्रात: काल जल्‍दी उठकर स्‍नान आदि से मुक्‍त होकर साफ वस्‍त्र धारण करे। जिसके बाद भगवान सूर्य (सत्‍यनारायण) को पानी चढाकर पीपल व तुलसी के पेड़ मे पानी चढाऐ।
  • इसके बाद अपने घर के मंदिर की साफ-सफाई इत्‍यादि करके एक लाल रंग का कपछा विछा देना है। जिसके बाद उस कपडे के ऊपर एक चावल का ढेर बनाए।
  • मंदिर के चारो ओर केले के पत्ते बांध देना है। एक तरफ मिट्टी डालकर उस पर जौ बौ देना है जिसके ऊपर पानी से भरा मिट्टी का कलश रख देना है। कलश के अन्‍दर एक सुपारी, एक रूपया, अक्षत डाल देना है। और कलश पर अशोक या फिर आम के पत्ते रख देना है।
  • अब कलश के स्‍वास्तिक बनाकर उसकी पूजा करे और कलावा बांधकर लाल या सफेद रंग के कपडे में नारियल को लपेटरक कलश के ऊपर रख देना है।
  • अब मंदिर के बीचो-बीच माता दुर्गा की मूर्ति की स्‍थापना करे और पूरे विधि-विधान व श्रद्धा भाव से पूजा करे। जिसके बाद घी का दीपक जलाकर माता को रौली-मौली, चावल, चन्‍दर, धूप, फूल, फल इत्‍यादि चढाऐ। और माता के लिए पूरे 16 श्रृंगार सहित एक जोड़ा रखे।
  • माता दुर्गा के मंदिर में पूरे 09 दिनो तक लगाता घी का दीपक जलाऐ रखना है एक पल भर के लिए भी वह दीपक भुजना नही चाहिए।
  • इसी तरह प्रति रोज सुबह माता की पूजा लगाता 09 दिनो तक करे। तथा अंतिम दिन माता को चढ़ाऐ हुआ 16 श्रृंगार और जोड़ा तो अपनी ननद या फिर किसी ब्राह्मणी को देना है।
  • और घर में कई तरह के पकवान बनाकर कम से कम 11 कन्‍याऐ जिमाऐ और उनके पैरा छूकर तिलक करके विदा करे। विदा के दौरान सभी कन्‍याओ को यथा शक्ति कुछ वस्‍तु या रूपया देना चाहिए। जिसके बाद स्‍वमं भोजन ग्रहण करे और संध्‍या के समय पूजा की सामग्री का विसर्जन करे।
  • विसर्जन के दौरा माता दुर्गा से आशीर्वाद स्‍वरूप कुछ भी वर मांगे। यदि आपके पूरे लग्‍न व श्रद्धा भाव से नवरात्रि रखे है तो माता रानी आपकी मनोकामना पूर्ण अवश्‍य करेगी।
Navratri

शारदीय नवरात्रि की तिथिया (Navrati Kab Hai 2021)

  • पहला दिन:- नवरात्रि के पहले दिन माता शैलपुत्री का दिन होता है जो की इस बार 07 अक्‍टूबर 2021 गुरूवार के दिन है इस दिन पूजा के दौरान पीले रंग के वस्‍त्र पहले जाते है।
  • दूसरा दिन:- यहा नवरात्रि का दूसरा दिन इस दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है जो की इस बार 08 अक्‍टूबर 2021 शुक्रवार के दिन है इस दिन स्‍त्री या पुरूष को हरें रंग के कपड़े पहनकर माता की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
  • तीसरा दिन:- नवरात्रे के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा व माता कुष्‍मांडा की पूजा अर्चना की जाती है। जो की इस वर्ष 09 अक्‍टूबर 2021 शरिवार के दिन है। इस दिन स्‍लेटी रंग के वस्‍त्र धारण करके दोनो माताओ की पूजा-अर्चना की जाती है।
  • चौथा दिन:- नवरात्रि के इस दिन स्‍कंदमाता की पूजा की जाती है जो की इस बार 10 अक्‍टूबर 2021 के रविवार के दिन है इस दिन नारंगी रंग के वस्‍त्र पहनकर पूजा की जाती है।
  • पांचवा दिन:- इस व्रत रखने वाली सभी पुरूष व औरतो को सफेद कलर के वस्‍त्र धारण करके माता कात्‍यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है जो की इस बार 11 अक्‍टूबर 2021 सोमवार के दिन पड़ेगा।
  • छठवां दिन:- नवरात्रि के छठे दिन माता कालरात्रि की पूजा की जाती है जो इस बार 12 अक्‍टूबर 2021 को मंगलवार के दिन पड़ेगा। इस दिन माता के दरबार में लाल रंग के वस्‍त्र पहनकर पूजा की जाती है।
  • सातवां दिन:- यह नवरात्रे का सातवां दिन जिसमें माता महागौरी का पूजा-पाठ किया जाता है जो इस वर्ष 13 अक्‍टूबर 2021 को बुधवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन सभी को गहरे नीले रंग के वस्‍त्र पहनकर माता महागौरी की पूजा करनी चाहिए।
  • आठवां दिन:- यह नवरात्रि का आठवां दिन है जिसमें सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है जो इस बार 14 अक्‍टूबर 2021 को गुरूवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन घट स्‍थापना रखने वाले सभी पुरूषो व औरतो को गुलाबी रंग के वस्‍त्र धारण करके माता सिद्धिदात्री की पूजा कि जाती है।

नोट:- इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का तीसरा व चौथ दिन (तृतीय व चतुर्दशी) एक ही दिन पड़ रही है जिस कारण नवरात्रि केवल 08 दिनो तक ही चलेगे। क्‍योकी हिंदू पंचाग के अनुसार 09 अक्‍टूर को तृतीय प्रात: 07:48 मिनट तक ही रहेगी। जिसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होकर 10 अक्‍टूबर को प्रात: 05:00 बजे तक रहेगी। इसी कारणवश 15 अक्‍टूबर 2021 अ‍र्थात गुरूवार के दिन विजयदशमी (दशहरा) पड़ रही है। इस दिन नवरात्रि में माता दुर्गा के 09 रूपो की पूजा-अर्चना करने के बाद माता की मूर्ति का विसर्जन किया जाता है। विसर्जन के दौरा सभी को बैगनी रंग के वस्‍त्र पहनना शुभ माना गया है।

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कलश का महत्‍व (Kalash Ka Mahatva)

दोस्‍तो आपकी जानकारी के लिए बता दे की नवरात्रों में माता के मंदिर में कलश की स्‍थापना इस लिए करते है की कलश विष्‍णु भगवान का प्रतीक माना गया है। यह बात हमारे हिन्‍दु धर्म के शास्‍त्रो, वेदो, पुराणों में बताई गयी है। इसी लिए सबसे पहले मिट्टी के कलश की स्‍‍थापना करते है।

माता दुर्गा के मंत्र (Navrati Ka Mahatva in Hindi)

शास्‍त्रो में कहा गया है की नवरात्रि में माता आदिशक्ति (दुर्गा) की पूजा के दौरा निम्‍न लिखित मंत्रो का जाप करे। जिससे आपकी सभी कार्य सफल हो जाऐ।

  • सर्व मंगल मांगल्ए शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ए त्रयंबके गौरी नारायणी नमोस्‍तुते।।
  • ऊँ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्‍वाहा स्‍वधा नमोस्‍तुते।।
  • या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्‍तस्‍यै नमस्‍तस्‍यै नमस्‍तस्‍यै नमो नम: ।।
  • ऊँ ऐं हीं क्‍लीं चामुण्‍डायै विच्‍चै ।।

नोट:- माँ दुर्गा का महिषासुर मदिंनी स्‍त्रोत पढ़ने से भी दुर्गा (आदिशक्ति) बहुत प्रसन्‍न होती है।

दोस्‍तो आज के इस लेख में हमने आपको नवरात्रि Navratri 2021 in Hindi के बारे में सभी महत्‍वपूर्ण जानकारी प्रदान की है। यदि ऊपर लेख में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो लाईक करे व अपने मिलने वालो के पास शेयर करे। और यदि आपके मन में किसी प्रकार का प्रश्‍न है तो कमंट करके जरूर पूछे। धन्‍यवाद दोस्‍तो….

Navratri 2021 in Hindi

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